दुर्ग। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती तथा अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने गांधीजी और शास्त्री जी के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के प्रति स्वच्छता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं ने “स्वच्छता ही सेवा है” के उद्देश्य को लेकर विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई की। कक्षा-कक्ष, मैदान और आस-पास की गलियों में विद्यार्थियों ने झाड़ू लगाई और कचरा उठाकर पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया। छात्राओं ने नारे लगाकर जागरूकता फैलाई-
“स्वच्छ भारत का सपना पूरा करेंगे हम सब मिलकर”
“गांधीजी का सपना, स्वच्छ हो अपना”
“एक कदम स्वच्छता की ओर”
विद्यालय के प्राचार्य उमाशंकर मिश्र ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा-
“स्वच्छ रहें और स्वच्छ रखें। देश और समाज को स्वच्छ रखना ही सच्चे अर्थों में देश की सेवा है। महात्मा गांधी ने स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को स्वतंत्र भारत की नींव बताया था। वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, अनुशासन और सेवा भाव से राष्ट्र को दिशा दी। यह दिन हम सभी को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है।”
कार्यक्रम का नेतृत्व एम. के. भारद्वाज, एनसीसी ऑफिसर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि जीवनशैली होनी चाहिए। जब हर नागरिक अपने घर, विद्यालय और आसपास को स्वच्छ रखेगा तभी गांधीजी का “स्वच्छ भारत” का सपना साकार होगा। कार्यक्रम में एमके बोरकर, डी के पटले भी शामिल रहे।
इस अभियान में छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए। छात्रा जैनब ने कहा, “आज सफाई करके हमें समझ आया कि स्वच्छता केवल सफाईकर्मियों का काम नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है।” वहीं दूसरी कुमकुम ने कहा, “गांधीजी का सपना साकार करना है तो हमें प्रतिदिन अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाना होगा।”
विद्यालय परिसर उत्साह और ऊर्जा से गूंज उठा। बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर “स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत” का सामूहिक संकल्प लिया।




