हिंदी भाषा के संवर्धन की सशक्त पहल: नराकास स्तरीय स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन
भिलाई। दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, माध्यम व्यवसाय कार्यालय भिलाई द्वारा नराकास भिलाई- दुर्ग के तत्वावधान में दिनांक 12 जनवरी 2026, सोमवार को नराकास स्तरीय स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजीव कुमार, सचिव नराकास भिलाई–दुर्ग रहे तथा अध्यक्षता रवि पाठक, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, भिलाई ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में रवि पाठक ने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है और ऐसे साहित्यिक आयोजनों से कार्यस्थल पर रचनात्मक वातावरण का निर्माण होता है। मुख्य अतिथि राजीव कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्वरचित काव्य पाठ जैसी प्रतियोगिताएं भाषा के प्रति आत्मीयता बढ़ाती हैं और हिंदी को जन-जन से जोड़ने का कार्य करती हैं। प्रतियोगिता में भिलाई स्टील प्लांट के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों सहित हिंदुस्तान प्राइवेट लिमिटेड, फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी, आईआईटी भिलाई, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग दुर्ग सहित विभिन्न संस्थानों के कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अजिताभ कुमार, हिंदी अधिकारी, दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, भिलाई द्वारा किया गया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में छत्तीसगढ़ साहित्य रत्न से सम्मानित साहित्यकार, लेखक, कवि एवं नाटककार भारत वेद जी, हिंदी अधिकारी नराकास भिलाई–दुर्ग जितेंद्र मानिकपुरी तथा केंद्रीय विद्यालय दुर्ग के हिंदी अध्यापक डॉ. अजय आर्य शामिल रहे। निर्णायकों ने निष्पक्ष निर्णय देने के साथ-साथ काव्य पाठ की बारीकियों पर महत्वपूर्ण विचार, सलाह एवं सुझाव प्रस्तुत किए। भारत वेद ने कहा कि अच्छी कविता वही होती है जो समाज की सच्ची संवेदनाओं को शब्द दे और श्रोता के मन में लंबे समय तक प्रभाव छोड़ जाए। जितेंद्र मानिकपुरी जी ने कहा कि भाषा की शुद्धता, भावों की स्पष्टता और मौलिकता कविता की आत्मा होती है। डॉ. अजय आर्य ने अपने विचार रखते हुए कहा कि श्रेष्ठ कविता हृदय से निकलकर हृदय तक पहुंचती है और अनुभूति की सच्चाई ही उसका सबसे बड़ा सौंदर्य होती है। उन्होंने अपनी कविता ‘अपने मन के मकान में थोड़ी सी जगह दे दे मुझको भी जीने की वजह दे दे।’ का पाठ भी किया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ओमवीर कारण (भिलाई स्टील प्लांट), द्वितीय स्थान संजीव कुमार (भारतीय खाद्य निगम), तृतीय स्थान डॉ. ऋषि रंजन सिंह (आईआईटी भिलाई), चतुर्थ स्थान गरिमा चंद्र (भिलाई स्टील प्लांट), पंचम स्थान प्रदीप कुमार (एचसीएल), षष्ठम स्थान नूपुर विश्वास (दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, भिलाई) तथा सप्तम स्थान अनिल कुमार द्विवेदी ने प्राप्त किया। अन्य प्रतिभागियों में अमितेश कुमार पुरोहित, हरीश कुमार देवांगन, मंजू मौर्य, रमणीय राजेंद्रन, अल्का तारे, कंदी सुरेश, वीरेश्वर नाथ सत्य, अनिल कुमार अग्रवाल, सूरज कुमार, वंदना चौधरी, मनीष गुप्ता, पिंकी चंदेल, केदार नाथ सोनबर, शिवानी, अभिजीत सिंह, पी. आर. साहू, विनोद कुमार गर्ग एवं किशोर कुमार नशीनें शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, निर्णायकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा आयोजन को हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायी प्रयास बताया ।




