दुर्ग। कल साइंस कॉलेज, दुर्ग से निकला जुलूस और बस स्टैंड पर हुई जनसभा में शहीद शंकर गुहा नियोगी के सपनों को नई ऊर्जा दी। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, मज़दूर कार्यकर्ता समिति के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में मज़दूरों, किसानों, छात्रों, महिलाओं, आदिवासी साथियों और विभिन्न जन आंदोलनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।सभा में वक्ताओं ने नियोगी जी के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि पूंजी और सत्ता के गठजोड़ के खिलाफ संगठित जन आंदोलन ही आज का असली रास्ता है। छत्तीसगढ़ में अलग अलग जनआंदोलन के लोग जिन्हें अपने घरों से उजाड़ा जा रहा है
जैसे भिलाई स्टील प्लांट के हास्पिटल सेक्टर की जानताको घर से बेघर करने की साजीश, एसीसी जामुल सीमेंट प्लांट में सीमेंट वेज बोर्ड के तहत मजदूरी नहीं दी जा रही है, सफ़ाई कर्मचारी जिन्हें इतने सालों तक काम करने के बावजूद परमानेनेट नहीं किया जा रहा है। सभी ने अपनी बात रखी। आदिवासी अधिकार आंदोलन, किसान संगठनों, मज़दूर यूनियनों, महिला आंदोलनों, छात्र समूहों और पर्यावरण आंदोलनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि नियोगी की शहादत हमें संघर्ष की नई दिशा देती है।

सभा से निम्नलिखित प्रमुख माँगें उठाई गईं—महंगाई पर रोक और सभी मज़दूरों के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी।बेरोज़गार युवाओं के लिए रोज़गार की सुनिश्चित योजना।जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा।किसानों के लिए लाभकारी समर्थन मूल्य और कर्ज़ माफी।आद्योगिक छेत्र में मजदूरों का पूरा बोनस दिया जाए।
UAPA और जन सुरक्षा अधिनियम जैसे जनविरोधी कानूनों की समाप्ति।शिक्षा और स्वास्थ्य को निजीकरण से मुक्त कर सार्वभौमिक अधिकार के रूप में लागू करना।जाति और धर्म के नाम पर फैल रही नफरत की राजनीति पर रोक।वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकारें जनता की इन मांगों पर ध्यान नहीं देंगी तो आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ से और मज़बूत जन आंदोलनों की शुरुआत होगी।सभा के अंत में सभी संगठनों ने शपथ ली कि शहीद शंकर गुहा नियोगी के सपनों को पूरा करने के लिए मज़दूर-किसान-जनता की एकता को मजबूत किया जाएगा और हर मोर्चे पर लड़ाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
“संघर्ष ही रास्ता है, नियोगी हमारे साथ हैं।”
शभा मे गुरू घांसीदास सेवादार संघ से लखन सुबोध,पि यु सि एल से व्ही एन प्रसाद राव, अधिवक्ता सालिनी गेरा,शहिद स्कुल रायपुर से तुलसी,कल्याण पटेल,छत्तीसगढ मुक्ति मोर्चा मजदुर कार्यकर्ता समिति से रमाकांत बंजारे, महेश,नकुल साहु,हाउस लिज संघर्ष समिती से राजेन्द्र परगनीहा,नगरीय निकाय जनवादी सफाई कामगार यूनियन से लक्षमण,डिलेश्वर,मेहनतकश आवास अधिकार संघ से सिंदुरीया,नारायण राव,मेरी,कृश्चन मंच से पास्टर चोवा राम,भिलाई से एस एस गिल, संदिप पटेल,महिला मुक्ति मोर्चा से दशमत,निरा डेहरिया, कलादास डेहरिया और साथीयो ने श्रद्धांजली गीत प्रस्तुत किए सभा का संचालन समा और संजना ने किएअंत मे हम बनांबो नवां पहचान,राज करही मजदूर किसान गगन भेदी नारों के साथ समापन हुआ