Thursday, January 15, 2026

जननायक कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ठाकुर ने मोरबा से ठोकी चुनावी ताल, कहा – “दादा के अधूरे सपनों को पूरा करूंगी”

बिहार। विशेष प्रतिनिधि समस्तीपुर। बिहार की राजनीति में एक बार फिर जननायक कर्पूरी ठाकुर का नाम गूंजने वाला है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पिछड़ों की राजनीति के आधार स्तंभ रहे कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ठाकुर ने 2025 विधानसभा चुनाव में समस्तीपुर के मोरबा सीट से मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।
उन्हें प्रशांत किशोर की पार्टी ने उम्मीदवार घोषित किया है।

डॉ. जागृति ठाकुर, जो पेशे से डेंटिस्ट (BDS) रही हैं, ने अब जनता की सेवा का संकल्प लेकर राजनीति की राह पकड़ ली है। वह कहती हैं —

“जनता का अपार समर्थन और छह महीने की जमीनी मेहनत का नतीजा है कि मुझे आज उम्मीदवार घोषित किया गया। जहां भी जाती हूं, लोग दादा जी का नाम लेते हैं — किसी की आंखों में गर्व झलकता है, तो किसी की आंखें नम हो जाती हैं।”

उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक आदर्श जननायक कर्पूरी ठाकुर ही हैं और वहीं से बिहार की राजनीति की असली शुरुआत मानी जाती है।

“प्रशांत किशोर भैया का शिक्षा पर फोकस मुझे दादा जी की याद दिलाता है। दादा कहा करते थे — ‘एक वक्त की रोटी कम खाओ, पर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दो।’ मैं उसी सोच को आगे बढ़ाने मैदान में उतरी हूं।”

डॉ. जागृति ने स्पष्ट कहा कि उनका एजेंडा शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित रहेगा।

“दादा जी के जाने के बाद मोरबा की जनता शिक्षा और स्वास्थ्य से वंचित हो गई। अब इस कमी को दूर करना मेरा संकल्प है।”

राजनीतिक समीकरण की बात करें तो महागठबंधन और एनडीए दोनों ही गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन जागृति ठाकुर ने कहा

“मेरे सामने जो भी उम्मीदवार आएगा, वह मेरा भाई या चाचा ही होगा। मुझे किसी से नहीं, मोरबा की जनता से जीतना है।”

दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय मंत्री राजनाथ ठाकुर, जो एनडीए से जुड़े हैं, डॉ. जागृति ठाकुर के चाचा हैं। लेकिन जागृति ने साफ कहा कि

“पार्टी अलग हो सकती है, पर परिवार का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहेगा। चाचा-भतीजी का रिश्ता राजनीति से ऊपर है।”

डॉ. जागृति ठाकुर के पिता ने भी बेटी के राजनीति में आने पर गर्व जताया है। जनता के बीच उनकी छवि “साफ-सुथरी और ईमानदार चेहरे” के रूप में बन रही है।

जननायक कर्पूरी ठाकुर को पिछले वर्ष भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। अब उनकी पोती उसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में हैं।
दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने और मोरबा की तस्वीर बदलने का दावा करने वाली डॉ. जागृति ठाकुर आने वाले चुनाव में कितना असर छोड़ पाती हैं — यह देखने वाली बात होगी।

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