खुर्सीपार की महिलाएँ और शराब भट्टी के विरोध में 12वें दिन भी धरने पर डटीं; सांसद विजय बघेल के आश्वासन के बावजूद लिखित गारंटी की मांग

भिलाई। वार्ड 51 शिवाजी नगर, खुर्सीपार की महिलाएँ अवैध शराब भट्टी के विरोध में अपने 12वें दिन भी लगातार धरने पर बैठी हुई हैं। उनका यह दृढ़ संकल्प है कि जब तक उन्हें प्रशासन की ओर से भट्टी न खुलने का लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगी। इस आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP) के लोकसभा उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंह का सक्रिय समर्थन प्राप्त है। जसप्रीत सिंह ने इस मामले में कलेक्टर, एस.डी.एम., आबकारी विभाग, और छत्तीसगढ़ राज्यपाल को लिखित शिकायतें भेज दी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई उचित और संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

धरने पर बैठी महिलाएँ क्षेत्र के सांसद विजय बघेल से भी मिलकर आई हैं और उनसे इस ‘दारू भट्टी’ मामले में साथ देने की पुरजोर मांग की है। महिलाओं के अनुसार, सांसद विजय बघेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि शिवाजी नगर में शराब भट्टी नहीं खुलने दी जाएगी। हालांकि, महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि वे इस मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगी और लिखित में आदेश मिलने तक अपना धरना जारी रखेंगी।

महिलाएँ अपनी सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वे प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे अपने बच्चों के साथ धरने पर आ जाती हैं और रात 11:00 बजे तक डटी रहती हैं। उनका मानना है कि उनके धरने से उठते ही भट्टी खुल जाएगी। धरने पर बैठी महिलाओं और उनके बच्चों को विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों से लगातार मदद मिल रही है। कोई उन्हें भोजन करा रहा है, तो कोई कोल्ड ड्रिंक और बच्चों के लिए दूध उपलब्ध करा रहा है। हालांकि, इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार या स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार की कोई सीधी मदद नहीं मिली है।

स्थानीय निवासियों और समर्थकों ने प्रशासन से अपील की है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई करें और महिलाओं को लिखित आश्वासन देकर उनके आंदोलन को समाप्त कराएं।

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