Thursday, January 15, 2026

केवट नवागांव–गोडमर्रा–पसौद मार्ग की जर्जर हालत: हादसे का इंतज़ार या राजनीति का खेला?

बालोद/दुर्ग। केवट नवागांव–गोडमर्रा–पसौद मार्ग की जर्जर हालत अब किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है। इस सड़क की दुर्दशा से अंचल का हर शख्स वाकिफ है, लेकिन शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अब तक चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसा लगता है कि जब तक कोई गंभीर हादसा नहीं हो जाता, तब तक अधिकारियों और नेताओं को कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

  • जनता की 15 साल पुरानी मांग
  • पिछले 15 वर्षों से अंचलवासी इस मार्ग को दुरुस्त करने की मांग करते आ रहे हैं। सड़क मरम्मत को लेकर कई बार आंदोलन भी हुए, जनप्रतिनिधियों से लेकर मंत्रियों तक गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
  • कांग्रेस-भाजपा की राजनीति की भेंट
  • पिछली भूपेश बघेल सरकार ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा भी की थी और प्रशासनिक प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। बावजूद इसके मामला निर्माण शाखा की निविदा प्रक्रिया में अटका हुआ है। आरोप है कि कांग्रेस और भाजपा की आपसी खींचतान की वजह से यह मुद्दा ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। राजनीति का यह खेल सीधे-सीधे जनता पर भारी पड़ रहा है।
  • हादसे का खतरा बना हुआ
  • बरसात के मौसम में सड़क गड्ढों में तब्दील हो जाती है। इस मार्ग पर रोज़ाना स्कूली बच्चों, किसानों और आम ग्रामीणों का आना-जाना होता है। खतरनाक गड्ढों की वजह से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन मानो हादसे का इंतजार कर रहा हो।
  • आम जनता का सवाल
  • ग्रामीण कई बार विधायक और मंत्री के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों के मन में सवाल है कि आखिर उन्हें और कितना इंतजार करना पड़ेगा? क्या यह सड़क तभी बनेगी जब कोई बड़ी दुर्घटना होगी, या फिर यह मार्ग यूं ही राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ता रहेगा?

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