ओफ्लोक्सासिन-ऑर्निडाजोल कॉम्बिनेशन दवा में फंगस की पुष्टि — पूरे प्रदेश में उपयोग पर तत्काल रोक

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) द्वारा सप्लाई की गई ओफ्लोक्सासिन-ऑर्निडाजोल कॉम्बिनेशन दवा के संबंध में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में इस दवा में फंगस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए CGMSC ने तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में इस दवा के उपयोग पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों, सिविल सर्जनों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को पत्र जारी कर संबंधित दवा के उपयोग पर रोक लगाने और स्टॉक को पृथक रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह दवा सामान्यतः डायरिया एवं अन्य संक्रमणजन्य रोगों के उपचार में उपयोग की जाती है। संबंधित दवा की सप्लाई CMG बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई थी, जिसकी एक्सपायरी मई 2026 है।

CGMSC ने स्पष्ट किया है कि फंगस लगी दवा का सेवन मरीजों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए सभी जिलों में इस दवा की पहचान, रोकथाम और स्टॉक नियंत्रण की कार्रवाई शीघ्रता से सुनिश्चित की जाए।

यह पहली बार नहीं है जब बाहरी आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त दवाओं में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई गई हो। पूर्व में भी कुछ दवाओं के अमानक पाए जाने पर कार्रवाई की जा चुकी है।

CGMSC ने कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गुणवत्ता जांच, आपूर्ति प्रक्रिया और निगरानी तंत्र को और अधिक सख्त किया जा रहा है। दोषी कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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