ऑपरेशन ‘सुरक्षा’ का असर दिखा — ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ वालों पर दुर्ग पुलिस की कड़ी कार्रवाई, दुर्घटनाएँ घटीं

दुर्ग। यातायात पुलिस दुर्ग इन दिनों पूरी सख़्ती के साथ ऑपरेशन “सुरक्षा” चला रही है। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने से लेकर सड़क पर अनुशासन कायम करने तक, पुलिस लगातार सक्रिय है।

हाल ही में सिविक सेंटर, भिलाई के पास सैल परिवार चौक पर पुलिस की चेकिंग ड्यूटी के दौरान एक मालवाहक वाहन संदिग्ध तरीके से लहराता हुआ चलता मिला। जांच में सामने आया कि चालक उमाशंकर (निवासी जमुल) ने शराब का सेवन कर रखा था। ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट में पुष्टि होते ही वाहन जब्त कर उसे न्यायालय भेज दिया गया।

रात में सघन जांच — चौक-चौराहों पर तैनात पुलिस टीमें

दुर्ग यातायात पुलिस ने रात के समय जांच अभियान को और तेज़ कर दिया है। रेल चौक सेक्टर-6, मुर्गा चौक सेक्टर-1, सिविक सेंटर चौक, सिरसा गेट चौक, पुलगांव चौक और कुम्हारी टोल प्लाज़ा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इन जगहों पर ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ सहित अन्य यातायात उल्लंघनों पर लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी और नागरिकों में अनुशासन की भावना जगाना है।

2025 में दोगुनी हुई कार्रवाई, हादसे घटे

आँकड़े बताते हैं कि सख़्ती का असर साफ़ दिख रहा है —

2024 (जनवरी से सितंबर) तक कुल 30,682 चालान हुए थे जबकि 2025 की समान अवधि में यह बढ़कर 58,484 चालान तक पहुँचा
इन लगातार कार्रवाइयों का असर सड़क सुरक्षा पर भी पड़ा है —

  • मृतकों की संख्या 264 से घटकर 235
  • दुर्घटनाओं की कुल संख्या 944 से घटकर 855
  • घायलों की संख्या 801 से घटकर 719
  • यानी, नियमों की सख्ती से नतीजे बेहतर आए हैं।

पुलिस की अपील — “आपकी सतर्कता किसी की जान बचा सकती है”

यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी नागरिकों से अपील की है —

“शराब पीकर वाहन न चलाएँ, गति सीमा का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। सड़क पर आपकी सावधानी किसी परिवार की मुस्कान बचा सकती है।”


संदेश साफ़ है — अनुशासन ही सुरक्षा है!

दुर्ग पुलिस की इस मुहिम ने यह साबित कर दिया है कि जब नागरिक सहयोग करें और पुलिस सतर्क रहे, तो हादसे घट सकते हैं और सड़कों पर सुरक्षा बढ़ सकती है।

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