अब जेल से ‘सरकार राज’ ख़त्म?

लोकसभा में ऐतिहासिक बिल पेश, नेताओं के भ्रष्टाचार और अपराधों पर लगेगी लगाम

नई दिल्ली। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में शुक्रवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। लोकसभा में आज ऐसा ऐतिहासिक बिल पेश किया गया, जिसे पारित होने के बाद भ्रष्ट और अपराधों में लिप्त नेताओं की राजनीति पर सीधा अंकुश लग सकेगा।

क्या है बिल का प्रावधान?

इस बिल के तहत अब ऐसे नेताओं पर कड़ी कार्रवाई होगी, जिन पर भ्रष्टाचार, आर्थिक घोटाले, जमीन कब्जा, गुंडागर्दी या किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज है। खास बात यह है कि जेल से चुनाव लड़ने और राजनीतिक पद पर बने रहने पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रावधान इसमें शामिल है।

क्यों है यह बड़ा कदम?

अब तक कई ऐसे उदाहरण सामने आते रहे हैं, जहाँ बड़े-बड़े नेता गंभीर आपराधिक मामलों में जेल से चुनाव लड़ते रहे और सत्ता में बने रहे। इससे न केवल लोकतंत्र की गरिमा पर सवाल उठते थे, बल्कि जनता का भरोसा भी डगमगाने लगा था। बिल का उद्देश्य लोकतंत्र को “स्वच्छ और पारदर्शी” बनाना है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया

सत्तापक्ष का कहना है कि यह कदम जनता के विश्वास को मजबूत करेगा और राजनीति को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

विपक्ष ने हालांकि आशंका जताई है कि कहीं इस कानून का दुरुपयोग कर नेताओं को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार न बनाया जाए।

जनता की उम्मीदें

आम जनता लंबे समय से यह मांग करती आ रही थी कि अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं को सत्ता से दूर रखा जाए। अब यह बिल पारित होने के बाद राजनीति में पारदर्शिता और ईमानदारी की नई परंपरा शुरू करने का दावा किया जा रहा है।

अगर यह बिल कानून बनता है, तो भारत की राजनीति से “जेल से सरकार चलाने” की परंपरा पर हमेशा के लिए रोक लग सकती है।

Exit mobile version