अंबिकापुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत अंबिकापुर शहर में संचालित तीन शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकानों में लगभग ₹65 लाख के खाद्यान्न घोटाले का मामला उजागर हुआ है। जांच में सामने आया है कि गरीबों के हक का राशन खुले बाजार में बेचा जा रहा था।
इस संबंध में जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित छह व्यक्तियों के विरुद्ध थाना कोतवाली अंबिकापुर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत खाद्य निरीक्षक शिव कुमार मिश्रा द्वारा की गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
आरोपियों में पवन सिंह (अध्यक्ष), सुनिता पैकरा (उपाध्यक्ष), फरहान सिद्धीकी, प्रिंस जायसवाल, सैफ अली एवं मुकेश यादव के नाम शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है।
कलेक्टर विलास भोसकर संदीपान के निर्देश पर गठित जांच दल द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह पाया गया कि तीनों राशन दुकानों से बड़ी मात्रा में चावल, शक्कर एवं चना का गबन कर खुले बाजार में अवैध रूप से बिक्री की गई थी।
प्रशासन का सख्त रुख
कलेक्टर संदीपान ने कहा कि गरीबों के हक का राशन गबन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों के संचालन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु अब अन्य दुकानों की भी गहन जांच कराई जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्परता से दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
